यशपाल जैन
भाषा
हिंदी
विधाएँ
बाल साहित्य
मुख्य कृतियाँ
भोर की आहट, राजकुमार की प्रतिज्ञा, पथ के आलोक, तोड़ो नहीं, जोड़ो, हम सब चोर हैं, भगवान के दरबार में सब बराबर, धीरज का फल, आखिरी दरवाजा, नशे का तमाशा, दान का आनंद, सफलता की कुंजी, हमारे संत महात्मा, चतुरी चमार, जगन्नाथ पुरी (सहित लगभग 250 पुस्तकें)।
अनुवाद : धरती की ममता (स्टीफन ज्विग)
सम्मान
सुलभ साहित्य अकादमी पुरस्कार